अभी गुमान है तुम्हे अपनी कामियाबी का,
जब उतरोगे जमीं पर लौट आओगे ना।
तुम कहते थे ज़िन्दगी हो तुम मेरी
बिन जिंदगी के तुम रह पाओगे न।
अभी नशा है तुम्हे नए फूलो की खुशबु का,
बच के उन कांटो से भी रह पाओगे ना।
तुम तो कहते थे तुम मै रोशनी हूँ तुम्हारी ,
अब अँधेरे में तुम रह पाओगे ना।
तुम कहते थे जो बातें सिर्फ मुझसे बस मुझसे ,
अब बातों को दिल में रख पाओगे ना।
तुम कहते थे बेरुखी कभी लम्बी नहीं होगी,
फिर कभी तो तुम जाग जाओगे ना।
तुमने ही तो कहा था मै दिल में हूँ तुम्हारे ,
किसी और को अब रख पाओगे ना।
जिस मोड़ में तुम अक्सर मिलते थे ,
किसी रोज़ तो फिर से आओगे ना।
किसी रोज़ तो फिर से आओगे ना।
written on :- 28-6-2018
by sahil garg
जब उतरोगे जमीं पर लौट आओगे ना।
तुम कहते थे ज़िन्दगी हो तुम मेरी
बिन जिंदगी के तुम रह पाओगे न।
अभी नशा है तुम्हे नए फूलो की खुशबु का,
बच के उन कांटो से भी रह पाओगे ना।
तुम तो कहते थे तुम मै रोशनी हूँ तुम्हारी ,
अब अँधेरे में तुम रह पाओगे ना।
तुम कहते थे जो बातें सिर्फ मुझसे बस मुझसे ,
अब बातों को दिल में रख पाओगे ना।
तुम कहते थे बेरुखी कभी लम्बी नहीं होगी,
फिर कभी तो तुम जाग जाओगे ना।
तुमने ही तो कहा था मै दिल में हूँ तुम्हारे ,
किसी और को अब रख पाओगे ना।
जिस मोड़ में तुम अक्सर मिलते थे ,
किसी रोज़ तो फिर से आओगे ना।
किसी रोज़ तो फिर से आओगे ना।
written on :- 28-6-2018
by sahil garg
Beautiful lines 😊😊
ReplyDelete❤❤
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ReplyDeleteKya baat,kya baat💖✨🙌👏
ReplyDeleteNice lines... Heart touching
ReplyDeleteKya bat. .... lagta h kisi ka heart break hua he.....😉😉just kidding..lol..a6i lines h...🤗🤗
ReplyDeleteBataya to is blog ke sabhi patra kalpanik hai jinka wastawik jeevan se koi sambandh nhi
ReplyDeleteAccha
DeleteWonderful 😊
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